सरगुजा के स्वास्थ्य केंद्रों से मंगाया गया स्टॉक
क्रीमी नाशक एल्बेंडाजोल पर भी रोक
सरगुजा के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों मौसमी बुखार की उफान के बीच अचानक 2024 में आवंटित बुखार की दवा पेरासिटामोल के 500 और 650 एमजी के टैबलेट को प्रतिबंधित कर स्टॉक वापस भेजने के निर्देश के बाद से आप स्वस्थ केदो में पेरासिटामोल टेबलेट का वितरण पूरी तरह बंद हो गया है अभी तक राज्य सरकार और मेडिकल कॉरपोरेशन बोर्ड द्वारा कोई नया आदेश नहीं जारी करने से केंटो में बुखार के मरीजों पेरासिटामोल किया दवा नहीं मिल पा रही है।
एक हफ्ते पहले आया आदेश
मेडिकल सर्विसेज बोर्ड छत्तीसगढ़ दौरा इस आशय का पत्र एक हफ्ते पूर्व 25 अगस्त 2025 को जारी किया गया, जिसमें अंबिकापुर वेयरहाउस से सप्लाई की गई पेरासिटामोल के 500 और 650 एमजी के टैबलेट को अमानत बताते हुए किस तत्काल वेयरहाउस को वापस करने कहा गया आदेश में यह भी नहीं बताया गया है कि पेरासिटामोल के विकल्प में अब अस्पताल प्रबंधन क्या करें।
2024 उत्पाद की है दवाइयां
जाटों की सरगुजा संभाग के सभी 6 जिलों को सप्लाई अंबिकापुर के वेयरहाउस से की जाती है वापस मंगाई गई पेरासिटामोल की यह दवाई वर्ष 2024 के उत्पादन की है।
क्रीमी नाशक एल्बेंडाजोल पर भी रोक
मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा अंबिकापुर वेयरहाउस से सप्लाई की गई क्रीमी नाशक एल्बेंडाजोल पर भी रोक लगा सभी स्टाफ को वापस मंगाई है इस आदेश के बाद सरगुजा बलरामपुर सूरजपुर कोरिया और एनसीपी जिले को प्रदत दवाएं अब वापस भेजी जा रही है।
परीक्षण के बाद अब अमानक कैसे?
निर्माता दावों को सप्लाई किए जाने के पहले कंपनीयों द्वारा प्रदत दवाइयां के सैंपल की मानक जांच की जाती है मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा अब जांच के बाद सप्लाई ही इन दावों को अमानत बताने से यह सवाल उठ रहा है कि जांच के बाद यह दवाइयां कैसे सप्लाई की गई इसमें मिली भगत स्थानीय वेयरहाउस की है या फिर कारपोरेशन के भीतर कोई पोल है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी असर
स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के मुताबिक यह दवाइयां प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सप्लाई की गई है अर्थात पूरे प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केदो में इसका असर पढ़ना स्वाभाविक है शहरी इलाकों में तो वैकल्पिक दवाई दी जा रही है मगर ग्रामीण इलाकों में वायरल फीवर और मौसम जनित बुखार के बीच सबसे ज्यादा मांग पेरासिटामोल टेबलेट की ही है इसके विकल्प में दूसरे दर्द निवारक दवाइयां को दे देना कहीं घटक तो नहीं साबित होगा यह भी चिंता का विषय है।
प्रबंधन को नहीं सूझ रहा जवाब
कारपोरेशन के इस आदेश के बाद जिले के चिकित्सा अधिकारियों को अब कोई ने अब कोई जवाब नहीं सोच रहा है पूछे जाने पर वह कह रहे हैं कि आदेश मिला है उसका पालन कर रहे हैं और नए आदेश का ही इंतजार करेंगे।

फंगस या खराब होने पर दवा होती है वापस – संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग
इस संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं अनिल शुक्ला ने बताया कि किसी बैच की दवा में यदि फंगस है या खराब है तो ऐसे दवाओं को शासन द्वारा वापस मंगाया जाता है। यह विभाग स्तर पर नियमित प्रक्रिया है। सीजीएमएससी के माध्यम से दवा की सप्लाई होती। दवाओं को वापस मंगाए जाने से अस्पतालों में इसकी कमी की पूर्ति के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला स्तर पर खरीदी करने का अधिकार है ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई असर न पड़े।इन्होंने बताया कि मौजूदा समय में मैरासिटमोल सहित अन्य दवाओं को वापस किया जा रहा है।













