
सूरजपुर/29 अगस्त 2025। जन खबर 36।प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना (PMAY-G) में गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्यवाही करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम पंचायत सिरसी में आवास निर्माण एवं योजना क्रियान्वयन में की गई अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए दोषियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाए गए।
जांच में सामने आया कि एक लाभार्थी ने आवास का दोहरा लाभ लिया। उसने स्वयं एवं अपनी पत्नी दोनों के नाम पर आवास स्वीकृत करा लिया। इसके अलावा आवास की गलत टैगिंग और मनरेगा मजदूरी राशि में भी गड़बड़ी की गई। यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद तुरंत जांच की गई और गड़बड़ी साबित होने पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि योजनाओं में गड़बड़ी और जनता के हक पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम आवास ग्रामीण जैसी जनकल्याणकारी योजना गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। ऐसे में इसमें किसी भी स्तर पर अनियमितता प्रशासन सीधे-सीधे जनता के साथ अन्याय मानता है। ग्राम पंचायत सिरसी में हुई इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भविष्य में योजना कार्यान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना में अनियमितताओं के इस प्रकरण ने एक बार फिर यह साबित किया है कि शासन-प्रशासन अब गड़बड़ी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। जिला प्रशासन ने कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए कड़ी निगरानी और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
रोजगार सहायक की सेवा समाप्त
इस प्रकरण में सबसे बड़ी कार्रवाई रोजगार सहायक मोहम्मद नईम अहमद पर की गई है। योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के चलते उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। साथ ही, एक आवास के लिए प्राप्त अतिरिक्त राशि की वसूली कर उसे राज्य नोडल खाते में जमा कराने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिए गए हैं।
सचिव और तकनीकी सहायक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
ग्राम पंचायत सचिव आनंद सिंह की एक वेतनवृद्धि रोकी गई है और उन्हें अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है। वहीं तकनीकी सहायक नवीन जायसवाल को भी अंतिम चेतावनी पत्र जारी करते हुए जनपद पंचायत ओड़गी में संलग्न कर दिया गया है।
आवास मित्र का त्यागपत्र, प्रोत्साहन राशि जब्त
मामले के उजागर होते ही कार्यरत आवास मित्र कुमारी अंकिता चौबे ने त्यागपत्र दे दिया। प्रशासन ने उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की है। उनके कार्यों की समीक्षा के बाद उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि राजसात करने और भविष्य में अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने पर प्रतिकूल टीप दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अन्य जिम्मेदारों को चेतावनी
गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों पर भी सख्ती बरती गई है। विकासखंड समन्वयक अमित खैरवार, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ओम तिवारी और सरपंच सुमित्रा अगरिया को भी अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है।








